कभी-कभी
लोग-बाग रहने पर भी
शहर खाली-खाली सा लगता है.
जानता हूं,
बात ऐसी नहीं है -
सब अपनी फ़िक्र में बेफ़िक्र हैं
और आप अगर जनाब
अपना भरा हुआ उफ़नता दिल
बांटने को बेताब हैं
यह आपकी परेशानी है.
ग़लती आपकी नहीं,
मौसम ही कुछ बेईमान है.
आते-जाते रहते हैं
अपने आप
दिन और रात
चुपचाप
फिर भी रोता हुआ
गाता रहता है
विद्यापति दिल -
'कइसे घुमाइल'.
लोग-बाग रहने पर भी
शहर खाली-खाली सा लगता है.
जानता हूं,
बात ऐसी नहीं है -
सब अपनी फ़िक्र में बेफ़िक्र हैं
और आप अगर जनाब
अपना भरा हुआ उफ़नता दिल
बांटने को बेताब हैं
यह आपकी परेशानी है.
ग़लती आपकी नहीं,
मौसम ही कुछ बेईमान है.
आते-जाते रहते हैं
अपने आप
दिन और रात
चुपचाप
फिर भी रोता हुआ
गाता रहता है
विद्यापति दिल -
'कइसे घुमाइल'.
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