Mittwoch, 28. September 2011

प्रेम संवाद - 1

अ - मैं तुमसे प्यार करता हूं.

आ - कैसे ?

अ - मतलब ?

आ - क्या करते हो, जब प्यार करते हो ?

अ - क्या करता हूं ? कुछ नहीं !

आ - कुछ किए बिना कुछ - यानी प्यार - कर लेते हो ?

अ - दरअसल... शायद कुछ करता हूं. लेकिन कह नहीं सकता, क्योंकि मुझे पता नहीं कि क्या करता हूं.

आ - इस मामले में हम दोनों की हालत एक सी है.

अ - वह कैसे ?

आ - तुम कुछ करते हो, पर तुम्हें पता नहीं क्या और कैसे.

अ - शायद...

आ - और तुम मेरे साथ, या मुझसे कुछ करते हो, और मुझे भी पता नहीं चलता.


- उज्ज्वल भट्टाचार्य

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